कोरोना वायरस के खतरे से देश को बचाने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है। देश में 14 अप्रैल तक जारी रहने वाले लॉक डाउन के बीच शुक्र...
कोरोना वायरस के खतरे से देश को बचाने के लिए भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है। देश में 14 अप्रैल तक जारी रहने वाले लॉक डाउन के बीच शुक्रवार को पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की। पीएम ने कहा कि 5 अप्रैल को रात 9 बजे सभी लोग घर की सभी लाइटें बंद कर, घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े होकर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, टॉर्च, दीपक या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाए। अब पीएम मोदी की दीया - मोमबत्ती जलाने की अपील पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बड़ा बयान सामने आया है। आइए जानते हैं कि ममता बनर्जी ने क्या कहा।
पीएम की इस अपील के पीछे कारण यह है, कि जब सभी देशवासी एक साथ ऐसा करेंगे तो भारत की एकजुटता की शक्ति का संदेश पूरी दुनिया में जाएगा। इससे भारतीय लोगो का आत्मबल भी बढ़ेगा। लोगों को यह एहसास होगा कि इस संकट से लड़ने में पूरे देशवासी एक साथ खड़े हैं।
ज्यादातर मुद्दों पर पीएम मोदी की आलोचना करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की अपील पर संयम रखते हुए बयान दिया है। ममता बनर्जी ने कहा, "मैं क्यों प्रधानमंत्री मोदी के मामलों में नाक घुसाऊं, अभी मैं राजनीति करूं या फिर कोरोना वायरस के मद्देनजर चीजों का प्रबंधन करूं।" ममता बनर्जी ने आगे पत्रकारों से कहा, "आप क्यों एक राजनीतिक जंग की शुरुआत करवाना चाहते हैं?" ममता बनर्जी ने पीएम की अपील का पालन करने को लेकर कहा की यह एक निजी मामला है, जिसे पीएम की अपील अच्छी लगी वो इसका पालन करेगा और जिसे अच्छी नहीं लगी वो सोएगा।
यह सराहनीय है कि ममता बनर्जी ने पीएम की अपील पर सवाल नहीं उठाया क्योंकि ऐसे संकट के समय में एकजुट होना पहली प्राथमिकता है। लेकिन हमारा मानना है कि पीएम कि अपील को निजी मामला मानने कि बजाय समर्थन करते हुए एकजुटता का संदेश देते हुए कोरोना फाइटर्स का आत्मबल जरूर बढ़ाया जा सकता है।
पीएम की इस अपील के पीछे कारण यह है, कि जब सभी देशवासी एक साथ ऐसा करेंगे तो भारत की एकजुटता की शक्ति का संदेश पूरी दुनिया में जाएगा। इससे भारतीय लोगो का आत्मबल भी बढ़ेगा। लोगों को यह एहसास होगा कि इस संकट से लड़ने में पूरे देशवासी एक साथ खड़े हैं।
ज्यादातर मुद्दों पर पीएम मोदी की आलोचना करने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी की अपील पर संयम रखते हुए बयान दिया है। ममता बनर्जी ने कहा, "मैं क्यों प्रधानमंत्री मोदी के मामलों में नाक घुसाऊं, अभी मैं राजनीति करूं या फिर कोरोना वायरस के मद्देनजर चीजों का प्रबंधन करूं।" ममता बनर्जी ने आगे पत्रकारों से कहा, "आप क्यों एक राजनीतिक जंग की शुरुआत करवाना चाहते हैं?" ममता बनर्जी ने पीएम की अपील का पालन करने को लेकर कहा की यह एक निजी मामला है, जिसे पीएम की अपील अच्छी लगी वो इसका पालन करेगा और जिसे अच्छी नहीं लगी वो सोएगा।
यह सराहनीय है कि ममता बनर्जी ने पीएम की अपील पर सवाल नहीं उठाया क्योंकि ऐसे संकट के समय में एकजुट होना पहली प्राथमिकता है। लेकिन हमारा मानना है कि पीएम कि अपील को निजी मामला मानने कि बजाय समर्थन करते हुए एकजुटता का संदेश देते हुए कोरोना फाइटर्स का आत्मबल जरूर बढ़ाया जा सकता है।


